Sunday, April 27, 2008

वाह वाह


"हसीनो ने हसीं बनकर गुनाह किया,

ओरो को तो ठीक हमको भी तबाह किया;

जब पेश किया उनकी बेवफाई को हमारी गज़लो में ,

ओरो ने तो ठीक उन्होंने भी वाह वाह किया............"प्रेम"

ज़रने


"लोग महोब्बत को खुदा का नाम देते हैं,

अगर कोई करे तो इल्जाम देते हैं;

कहेते हैं की पत्थर दिल रोया नही करते,

तो पथ्थ्रो से जारने क्यों बहते हैं..................."प्रेम"

रिश्ता



"हुस्न और महोब्बत का रिश्ता भी अजीब होता हैं,


शमाएं जलती हैं तो


परवाने भी जल जाते हैं..............."प्रेम"

Saturday, April 26, 2008

ताज


हजारो झोंपडियारख होती हैं तब जाकर एक महल बनता हैं,

हमारे मरने पर कफ़न भी नही,और उनके मरने पर ताज महल बनता हैं।

"प्रेम"

नाम


"तेरी याद में बहोत पैगाम लिखते हैं,

तेरी याद में गुजरी वो शाम लिखते हैं ;

वो कलम भी तेरी दीवानी हो जाती हैं ,

जिस से हम तेरा नाम लिखते हैं....................."प्रेम"

अपना

"हम मिटटी के आशियाने बनाते गए,

बना- बनाकर उन्हें मिटाते गए;

हमें कोई न अपना बना शका

और हर किसीको अपना बनाते गए .............."प्रेम"

उम्र


"उम्रे-दराज मांगकर लाये थे चार दिन,

दो आरजू में कट गए,और

दो इन्तेजार में

"प्रेम"

कभी कभी



कांटो से मैंने प्यार किया हैं कभी कभी,


फूलों को शर्मसार किया हैं कभी कभी;


अल्लाह रे बेखुदी की तेरे पास बैठकर,


तेरा ही इन्तेजार किया हैं कभी कभी............................."प्रेम"

के काबिल




"अब अपने दिल का दर्द तुजे क्या बताये हम,


जी चाहता हैं तुज पे तुमको छुपाये हम।


आओ हमारे दिलमें ज़माने की हसरतों;


आओ की तुम्हे प्यार के काबिल बनाये हम..... "प्रेम"

दीवाली

"बागकी बात, बाग का माली ही समजे,

फूलों की खुशबू को भौरे ही समजे;

चुभन तो बहोत होती होगी उन कांटो को,

पर फूलों का दर्द तो जुलती डाली ही समजे।

हमारी मौत पर तो खुदा भी रोने लगा, पर वो बेवफा नही,

सोचनेवाले उसे इक बारिश समजे।

ये खुदा ने भी अजीब की रित बनाईं ,

दिए का दिल जले और लोग उसे दीवाली समजे......................................."प्रेम"

तनहा


"अपनों में रहे बेगानो की तरह,

लोगो में रहे अफसानोकी तरह;

जिन्हें चाहा था वो समज न पाए,

जो शायद समज शके वो चाह न पाए।

जिन्दगी ने ये कुछ ऐसी कहानी बनाईं,

बात दिल की थी जो जुबान पर न आई।

जो आया -मिला शिकवे गिले सुना गया,

बन गया में सबकी हँसी, पर मेरा दर्द कोई समज न पाया।

कोई भी न समजा मेरे प्यार को ,

इसी लिए आज तक भीड़ में भी ख़ुद को तनहा पाया................"प्रेम"

कफ़न


"खुश्बू के साथ फूल हमने पाया हैं ,

प्यार मे उसके वक्त हमने गवायाँ हैं।

दिल टूट गया हमारा उनकी दोस्ती मे,

दोस्त तो कहेलाता हैं मगर,

दुश्मन हमने पाया हैं।

टुटा दिल हमारा देखकर कफ़न भी रोने लगा,

तब आवाज़ आई टूटे दिल हुवे दिल से,

की "क्यों न सोउ तुजे लिपट के 'ऐ कफ़न,

मैंने भी तुजे अपनी जान देकर तुम्हे पाया हैं.............................प्रेम"

कफ़न

नमक


"जबरजस्ती से फूलों को खिलाया न करो,

आंसू ओ को दिल की दहेलिज़ पर लाया न करो,

जालिम हे जमाना ,जो किसीके प्यार को नही समजता,

अपने दिल की हालत किसीको बताया न करो।

जब प्यार मे तुम्हारा दिल अगर टूट जाए ,

तो टुटा दिल किसीसे सिलाया न करो।

लोग मुठ्ठी मे नमक लेकर घुमा करते हे ,

अपने दिल के ज़ख्म किसीको दिखाया न करो..............."प्रेम"

mahobbat

"हर साहिल को किनारा मत समजो यारो,
हर इस्त को सहारा मत समजो यारो;
फूल -फूल भी अलग होते हे ,
हर फूल को गुलाब मत समजो यारो .
दोस्ती तो दुश्मन भी करते हे जित के लिए,
हर दुश्मन को दोस्त मत समजो यारो।
अपनी नज़र नज़र मे भी फर्क होता हे,
हर नज़र महोब्बत मत समजो यारो।
.......................................................प्रेम"

Wednesday, April 23, 2008

aansoo



"BATON ME JAB BAL HOTA HEIN,


PRASNO KA TAB HAL HOTA HEIN;


AAG LAGA DETE HEIN YE "AANSOO"


KAHANE KO TO JAL HOTA HEIN..........................................PREM"

intejar

fansle mitaakar aaps me pyar rakhna,
dosti ka yah rista hamesa barkrar rakhna;
bichhad jaye kabhi aap se ham,
aankho me hamesa hamara intejar rakhna............

dost


dil se dil juda nahi hote,

yu hi ham kisi pe fida nahi hote,

"prem" se bada hein dosti ka rista;

kyonki dost kabhi bevafa nahi hote............prem

fariyad


"aap to chand ho jise sab yad karte hein

or hamari kismat taro jesi hein ,

hame yad karna to dur log apni khwaish

ke liye hamare tutne ki fariyad karte hein.........."hemal"

Monday, April 21, 2008

gazal


kagaz pe humne zindgi likh di,

ashko se seench kar har khusi likh di;

dard ko jab ubhara humne lafjo per,

to logo ne kaha kya gazal likh di.........."prem"