Tuesday, December 23, 2008

तस्वीर

"कीमत तो बढ़ गई हैं शहेरो में धान की,
बिदा न हो सकी बेटी किशान की ;
कुछ लोग मतलब परस्त के वास्ते ,
तस्वीर ही बिगाड़ दी इस हिंदुस्तान की।"

श्रधांजलि


अब तो अपने ही हुए दुश्मन,दोस्त कंहा हैं।

लोग तो हैं पैसो के दीवाने इंसानियत तू कहा हैं।

दर्द से थककर तो मेंने कलम छोड़ दिया था,

अब पूछ रहा हूँ "आदिल"को की अब वो दर्द कहाँ हैं।

आतंकवादी उडाते हैं गुलाल लहू की ,

शान्ति,उन्नती और प्यार के चमन सा भारत कहाँ हैं।

देश के हीरो भी जीरो हो कर बैठ गए हैं,

शूरवीरों से पूछो की उनका शुरातन कहाँ हैं।

अब तो गांधीगिरी नही बलके शिवाजी या भगतसिंह गिरी चाहिए,

लेकिन कहो मुझसे की इस ज़माने में शिवाजी और भगतसिंह कहाँ हैं।

"बस अब तो बहोत हो गया"कहेते तो मैंने कितनो को सुना,

ओंस्पॉट फेंसला करे ऐसे वीर अब कहाँ हैं।

सोते हो तो जग उठ्येगा मेरी इस ग़ज़ल से,

फ़िर न कहें ना की खून खौल उठे ऐसे अल्फाज़ कहाँ हैं।

ये तो देखा न गया इसलिए तो कलम उठा ली,

वरना शस्त्र उठाने की प्रथा हमारे में कहाँ हैं।

काट खायी हुई तलवारे भी हाथ आने से डरती हैं,

पूछती हैं 'वीरों जेसे हाथ तुम्हारे कहाँ हैं।

में तो "प्रेम"हूँ और प्रेम करना जनता हूँ,

लेकिन आज प्रेम करने के लिए लोग अपने कहाँ हैं।

एक श्रधांजलि अर्पण करू तो इस ग़ज़ल से उन मुंबई के शहीदों को,

पूछते हैं सवाल उनकी आत्मा के,उनके जवाब कहाँ हैं,

"हम तो मरमिटे उन राक्षसों के हाथ,धुंध रहे हैं उस राम को

जो राक्षसों को maarkar, देश बचाकर,हमारी आत्मा को शान्ति दे ऐसे "हे राम"

अब तू कहाँ हैं।"
-------------------------------jai hind- ----------------------------------------
-"प्रेम"






थैंक्स दोस्तों

दोस्तों आपने मुझे अपनाया यही मेरे लिए बहोत हैं आपने मेरे ब्लॉग को पढ़कर सही में मुज पर एक अहेसान किया हैं एइसा तो में नही कहूँगा लेकिन यह जरुर कहूँगा
"अहेसान दोस्तों में जताने नही होते,
कर्ज दोस्ती में चुकाने नही होते;
दोस्ती की यह ईमारत बरक़रार रखना दोस्तों,
ये तो वो रिश्ते हैं जो कभी पुराने नही होते।"

Sunday, December 21, 2008

जीना


"एक पल में जीना शिखा था

दूजे ही पल मैंने मरना शिखा था।

इस रुलाने वजह क्या पूछूं में आपसे,

हँसना भी तो मैंने आपसे शिखा था। "

Wednesday, October 1, 2008

जिंदगी


"क्यों खुदा ने पथ्थर सा बनाया हमें,

क्यों काँटों में भी महेकना शिखाया हमें;

varna में तो मर जाता इन दुनिया की ठोकरों से

मेरे दोस्तों ने जिन्दगी जीना शिखाया हमें।"

Sunday, September 21, 2008

कोशिस

"नाकाम सी कोशिश किया करते हैं,
एक उम्मीद से जिया करते हैं;
खुदा ने तो किस्मत मैं टुटा तारा भी नही लिखा,
और एक हम हैं जो चाँद की आरजू किया करते हैं। "

इन्तेजार

"जान से भी ज्यादा प्यार उन्हें किया करते थे,
याद उन्हें दिन रात किया करते थे।
अब उन रस्तोसे गुजरा भी नही जाता;
जहाँ बैठकर उनका इन्तेजार किया करते थे."

जलन

"बाद मरने के मेरी कब्र पर न जलाना चिराग,
बहुत जला हूँ मैं, तमन्ना नही और जलने की।"

याद

"शमांको भी हैं रंज परवाने की मौत पर ,
इसीलिए वो जलती रहती हैं परवाने की याद मैं। "
"प्रेम"

Wednesday, June 11, 2008

दिल

दिल तोड़ना हमारी आदत नही,
दिल हम किसीका दुभाते नही;
भरोसा रखना मेरी वफाओ पे ,
दिल में बसाकरहम किसीको भुलाते नही।

$$$$$$$$$$$ प्रेम $$$$$$$$$$$

दूरियां


मंजिल मिलने से दोस्ती भुलाई नही जाती,
हमसफ़र मिलने से दोस्ती मिटाई नही जाती;
दोस्त की कमी हरपल रहेती हैं
दूरियों से दोस्त्ती छुपाई नही जाती।

^^^^^^^प्रेम^^^^^^^^^

दोस्ताना

सारी उमर आंखो में एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गई वो लम्हा याद रहा;
जाने क्या बात थी उन दोस्तो में,
सारी महफिल भूल गए बस वो दोस्ताना याद रहा।
########प्रेम#########

दोस्ती मैं


दोस्ती में इन्तेहा लिया नही करते,

दोस्तो को इन्तेजार करवाया नही करते;

ऐसी भी क्या खता हुई हमसे की रोज़ याद करने वाले

अब एक पल भी याद नही करते।

************************प्रेम*******************

याद

हर सुबह की धुप कुछ याद दिलाती हैं ,
हर फूल की खुशबु एक जादू जगाती हैं;
आप या हम चाहे या न चाहे पर ,
सुबह सुबह आपकी याद आ ही जाती हैं।
********************प्रेम****************

कशिस

कशिश दिल की हर चीज़ भुला देती हैं ,
बंद आंखो में भी सपना सजा देती हैं ,
सपनो की दुनिया जरूर रखना ;
क्योंकि हकीकत अक्सर रुला देती हैं......................"प्रेम'

ज़िंदगी

दो लम्हों से बनी हैं ये
"ज़िंदगी"
एक खुशी और एक गम .........
दो लोगो से बनी हैं ये
"दोस्ती"
एक आप और एक हम...................."प्रेम"

सजा

न दिल देके गए, न पता देके गए,
महोब्बत में यह कैसी सजा देते गए?

Tuesday, May 20, 2008

यादें


यादों की किम्मत वो क्या जाने ,

जो ख़ुद यादों के मिटा दिए करते हैं;

यादों का मतलब तो उनसे पूछो जो

यादों के सहारे जिया करते हैं.......................प्रेम"

दोस्ती


न जाने क्यो हमे आंसू बहाना नही आता,

न जाने क्यो हाल-ऐ-दिल बताना नही आता;

क्यों दोस्त बिछड़ जातें हैं हमेशा,

या फ़िर ऐसातो नही की हमे दोस्ती निभाना नही आता।
>>>>>>>>>"prem"<<<<<<<<

ग़ज़ल




कागज़ पे हमने जिन्दगी लिख दी,


अश्को से सींचकर हर खुशी लिख दी;


दर्द को जब हमने उभारा लफ्जो पे ,


तो लोगो ने कहा वाह! क्या ग़ज़ल लिख दी.............:प्रेम"