Saturday, December 12, 2009

दर्द

"दर्द को दर्द से देखो,
दर्द को भी दर्द होता हैं:
दर्द को जरुरत हे प्यार की,
आख़िर प्यार में दर्द ही तो हमदर्द होता हैं......."

Wednesday, October 7, 2009

महोब्बत

सुनहरे लम्हों का व्यापार मत करना,
कभी रिश्तों को तार-तार मत करना,
रंज-ओ-गम सह ना सको कभी जिन्दगी में,
तोह खुदा कसम कभी किसीसे प्यार मत करना।

Friday, September 25, 2009

कुदरत

तमने जोया करू छू पण मिलन न मौका नथी मलता,
मंजिल छे सामे पण रास्ता नथी मलता;
नवीनता ने ठुकराओ नवीनता ज प्राण पोषक छे,
जीवो छो कुदरत तरफ़ थी पण ऐना दरबार माँ स्वास पण जुना नथी मलता............

नफरत

नफरत करने वाले कभी नफरत का दामन छोड़ नही सकते ,
तो महोब्बत करनेवाले महोब्बत का दामन क्यों छोड़ दे। ................................
......................................................................................प्रेम

Friday, May 29, 2009

परिभाषा

कभी खुशी की आशा कभी गम की निराशा
कभी सपनो की चाँदनी,कभी हकीकत की छाया;
कुछ खोकर कुछ पाने की आशा ,
शायद यही हैं जिन्दगी की परिभाषा।

जिंदगी

ना जीने का खुशी,ना मरने का गम;
गम हैं to उनसे मिलने का,
jiten हैं इस aasha पर;
कभी वो हमारे हो जायेंगे ,
मरते नही isiliye की woh akele रह जायेंगे।

बेवफा

वफ़ा के नाम से वोह अन्जान थे,
किसी की बेवफाई से शायद परेशान थे;
हमने वफ़ा देनी चाही तो पता चला की,
हम ख़ुद "बेवफा"के नाम से बदनाम थे।

Thursday, February 19, 2009

गुलाब

"कुछ लोग जिंदगी को दगा देते हैं,
जिंदगी कितनी अनमोल हैं भुला देते हैं,
जिंदगी जीना तो गुलाब से शिखो;
जो ख़ुद टूट कर भी दो दिलों को मिला देते हैं।"

धोखा

"हसीं की राह में गम मिले तो क्या करे,
वफ़ा की राह में बेवफा मिले तो क्या करे;
कैसे बचाएं जिंदगी को धोखेबाजों से,
कोई मुस्कुराकर धोखा दे जाए तो क्या करे."

ज़िन्दगी

"दिल से रोये मगर होठो से मुस्कुराते रहे,
युहीं हम किसीसे वफ़ा निभा बेठे;
वो हमें एक लम्हा भी न दे सके अपने प्यार का,
और हम उनके लिए अपनी जिंदगी गवां बेठे। "

ज़िन्दगी

अपने

"हुस्न वाले खूब वफाओं का सिला देते हैं,
हर मोड़ पर एक ज़ख्म देते हैं,
एय दोस्त इस जहाँ में कोई अपना नही;
जब आग लगती हैं तो पत्ते भी हवा देते हैं।"

Wednesday, February 18, 2009

मुलाकात

"जब दिल उदास हो तो हमसे बात कर लेना,
जब दिल चाहे तो मुलाकात कर लेना;
रहते हैं हम आपके दिल के किसी कोने में,
वक़्त मिले तो तलाश हमें कर लेना। "

Tuesday, December 23, 2008

तस्वीर

"कीमत तो बढ़ गई हैं शहेरो में धान की,
बिदा न हो सकी बेटी किशान की ;
कुछ लोग मतलब परस्त के वास्ते ,
तस्वीर ही बिगाड़ दी इस हिंदुस्तान की।"

श्रधांजलि


अब तो अपने ही हुए दुश्मन,दोस्त कंहा हैं।

लोग तो हैं पैसो के दीवाने इंसानियत तू कहा हैं।

दर्द से थककर तो मेंने कलम छोड़ दिया था,

अब पूछ रहा हूँ "आदिल"को की अब वो दर्द कहाँ हैं।

आतंकवादी उडाते हैं गुलाल लहू की ,

शान्ति,उन्नती और प्यार के चमन सा भारत कहाँ हैं।

देश के हीरो भी जीरो हो कर बैठ गए हैं,

शूरवीरों से पूछो की उनका शुरातन कहाँ हैं।

अब तो गांधीगिरी नही बलके शिवाजी या भगतसिंह गिरी चाहिए,

लेकिन कहो मुझसे की इस ज़माने में शिवाजी और भगतसिंह कहाँ हैं।

"बस अब तो बहोत हो गया"कहेते तो मैंने कितनो को सुना,

ओंस्पॉट फेंसला करे ऐसे वीर अब कहाँ हैं।

सोते हो तो जग उठ्येगा मेरी इस ग़ज़ल से,

फ़िर न कहें ना की खून खौल उठे ऐसे अल्फाज़ कहाँ हैं।

ये तो देखा न गया इसलिए तो कलम उठा ली,

वरना शस्त्र उठाने की प्रथा हमारे में कहाँ हैं।

काट खायी हुई तलवारे भी हाथ आने से डरती हैं,

पूछती हैं 'वीरों जेसे हाथ तुम्हारे कहाँ हैं।

में तो "प्रेम"हूँ और प्रेम करना जनता हूँ,

लेकिन आज प्रेम करने के लिए लोग अपने कहाँ हैं।

एक श्रधांजलि अर्पण करू तो इस ग़ज़ल से उन मुंबई के शहीदों को,

पूछते हैं सवाल उनकी आत्मा के,उनके जवाब कहाँ हैं,

"हम तो मरमिटे उन राक्षसों के हाथ,धुंध रहे हैं उस राम को

जो राक्षसों को maarkar, देश बचाकर,हमारी आत्मा को शान्ति दे ऐसे "हे राम"

अब तू कहाँ हैं।"
-------------------------------jai hind- ----------------------------------------
-"प्रेम"






थैंक्स दोस्तों

दोस्तों आपने मुझे अपनाया यही मेरे लिए बहोत हैं आपने मेरे ब्लॉग को पढ़कर सही में मुज पर एक अहेसान किया हैं एइसा तो में नही कहूँगा लेकिन यह जरुर कहूँगा
"अहेसान दोस्तों में जताने नही होते,
कर्ज दोस्ती में चुकाने नही होते;
दोस्ती की यह ईमारत बरक़रार रखना दोस्तों,
ये तो वो रिश्ते हैं जो कभी पुराने नही होते।"

Sunday, December 21, 2008

जीना


"एक पल में जीना शिखा था

दूजे ही पल मैंने मरना शिखा था।

इस रुलाने वजह क्या पूछूं में आपसे,

हँसना भी तो मैंने आपसे शिखा था। "

Wednesday, October 1, 2008

जिंदगी


"क्यों खुदा ने पथ्थर सा बनाया हमें,

क्यों काँटों में भी महेकना शिखाया हमें;

varna में तो मर जाता इन दुनिया की ठोकरों से

मेरे दोस्तों ने जिन्दगी जीना शिखाया हमें।"

Sunday, September 21, 2008

कोशिस

"नाकाम सी कोशिश किया करते हैं,
एक उम्मीद से जिया करते हैं;
खुदा ने तो किस्मत मैं टुटा तारा भी नही लिखा,
और एक हम हैं जो चाँद की आरजू किया करते हैं। "

इन्तेजार

"जान से भी ज्यादा प्यार उन्हें किया करते थे,
याद उन्हें दिन रात किया करते थे।
अब उन रस्तोसे गुजरा भी नही जाता;
जहाँ बैठकर उनका इन्तेजार किया करते थे."